अमावस्या पर मंदिरों में विशेष पूजा
अमावस्या के अवसर पर बूढ़ी काली मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा की गई। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचे और देवी-देवताओं की पूजा की।
बूढ़ी काली मंदिर में विशेष पूजा
बूढ़ी काली मंदिर में अमावस्या के अवसर पर विशेष पूजा की गई। मंदिर के पुजारी ने देवी काली की पूजा की और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। श्रद्धालुओं ने देवी काली के चरणों में फूल चढ़ाए और प्रार्थना की।
विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा
विभिन्न मंदिरों में भी अमावस्या के अवसर पर विशेष पूजा की गई। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचे और देवी-देवताओं की पूजा की। मंदिरों में विशेष पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
श्रद्धालुओं की भीड़
अमावस्या के अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में प्रवेश करने के लिए लंबी कतारें बनाईं। मंदिरों के पास पुलिस और सुरक्षा बलों की विशेष व्यवस्था की गई थी।
पूजा के बाद आशीर्वाद
पूजा के बाद, मंदिरों के पुजारी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद के लिए मंदिरों में पहुंचे और पुजारी से आशीर्वाद लिया। आशीर्वाद के बाद, श्रद्धालुओं ने मंदिरों के आसपास के क्षेत्रों में फूल और प्रसाद बांटा।
अमावस्या का महत्व
अमावस्या का महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक है। इस दिन, देवी-देवताओं की पूजा की जाती है और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद मिलता है। अमावस्या के अवसर पर, श्रद्धालुओं को अपने देवी-देवताओं के प्रति समर्पण और भक्ति का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है।

