श्रीलंका में चक्रवाती तूफान दित्वा से भारी तबाही
कोलंबो, 29 नवंबर (हि.स.)। श्रीलंका में चक्रवाती तूफान दित्वा ने व्यापक विनाश किया है। लगातार मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात बेहद गंभीर बन गए हैं। अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 से अधिक लोग लापता हैं। राहत टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
सड़कों और पुलों के बहने से बिगड़े हालात
मौसम विभाग के अनुसार, श्रीलंका के ऊपर निम्न-दाब तंत्र स्थिर बना हुआ है, जिससे नमी वाली हवाएँ और तेज़ बारिश लगातार जारी है।
- मोरागहाकांडा जलाशय भरने के बाद स्पिल गेट खोलने पड़े
- इसी दौरान मोरागहाकांडा–लग्गाला पुल ढह गया, जो कई जिलों को जोड़ता था
- हसलाका इलाके में याहंगला पर्वत के पास भूस्खलन में 5 शव बरामद किए गए
लाखों लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार:
- 63,000+ परिवार प्रभावित
- 2,19,286 लोग संकट में
- भारी बारिश के कारण जलाशय और नदियाँ उफान पर
- कई क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी जारी
सरकार ने बिजली, पेट्रोलियम, गैस, अस्पताल और जलापूर्ति को आवश्यक सेवाएँ घोषित किया है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
भारत ने श्रीलंका की सहायता के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि—
- आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने कोलंबो में राहत सामग्री सौंपी
- राहत और बचाव कार्य जारी है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत अपनी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रवासी भी कर सकेंगे योगदान
श्रीलंका सरकार ने विदेशों में रह रहे नागरिकों और विदेशी लोगों से राहत कार्यों में योगदान देने की अपील की है। बैंक विवरण सभी राजनयिक मिशनों में उपलब्ध कराए गए हैं।




