उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के खिलाफ गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। बच्चों को अपमानित करने और महिला शिक्षिकाओं से अभद्रता करने वाले सहायक अध्यापक राघवेंद्र द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है।
🔍 जांच में आरोप सही पाए गए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपेंद्र गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) भदैयां की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में यह साबित हुआ कि शिक्षक का व्यवहार लगातार नियमों और नैतिक आचरण के खिलाफ था।
🏫 अभिभावकों और स्टाफ की शिकायत
प्राथमिक विद्यालय भरसारे के करीब 45 अभिभावकों, स्कूल के प्रधानाध्यापक, भाजपा मंडल अध्यक्ष राम मूर्ति वर्मा और IGRS पोर्टल के जरिए राघवेंद्र द्विवेदी के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई थीं।
शिकायतों में कहा गया कि आरोपी शिक्षक:
- बच्चों को अपमानित करता था
- अभिभावकों को अपशब्द कहता था
- महिला शिक्षिकाओं से गाली-गलौज करता था
- विद्यालय का माहौल खराब कर रहा था
🧾 निरीक्षण में हुआ खुलासा
11 दिसंबर 2025 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें रसोइयों और अभिभावकों से अलग-अलग बयान लिए गए।
सभी ने एक सुर में बताया कि शिक्षक के आने के बाद विद्यालय में तनाव और गुटबाजी बढ़ गई थी और पढ़ाई का माहौल खराब हो गया।
⚖️ स्पष्टीकरण भी नहीं बचा सका
शिक्षक को 17 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस दिया गया। उन्होंने 30 दिसंबर को स्पष्टीकरण दिया, लेकिन उसे असंतोषजनक पाया गया।
इसके बाद उनके विरुद्ध:
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम उल्लंघन
- कर्तव्यहीनता
- आचरण नियमों का उल्लंघन
के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।




