🔹 सुंदरबन में बढ़ता खतरा
बांग्लादेश के सुंदरबन क्षेत्र में Sundarbans Pirate Threat तेजी से बढ़ रहा है।
समुद्री डाकुओं की सक्रियता से मछुआरे भय के साए में जी रहे हैं।
🔹 टोकन सिस्टम से जंगल में एंट्री
डाकू मछुआरों को कथित परमिट टोकन जारी करते हैं।
इस अवैध व्यवस्था ने Sundarbans Pirate Threat को और संगठित बना दिया है।
🔹 पैसा न देने पर अपहरण
स्थानीय मछुआरों का कहना है कि पैसा न देने पर अपहरण होता है।
इस कारण Sundarbans Pirate Threat उनकी आजीविका पर सीधा हमला है।
🔹 कई जिलों में सक्रिय गिरोह
सतखिरा, बागेरहाट और खुलना के जंगलों में दस से ज्यादा गिरोह सक्रिय हैं।
इन इलाकों में Sundarbans Pirate Threat सबसे अधिक गंभीर बताया जा रहा है।
🔹 फिरौती का भयावह खेल
कुछ मामलों में 40 हजार टका तक की फिरौती ली गई है।
इससे Sundarbans Pirate Threat की क्रूरता सामने आती है।
🔹 पूर्व डाकुओं की पुष्टि
2017 में आत्मसमर्पण कर चुके डाकुओं ने टोकन सिस्टम की पुष्टि की है।
उनके अनुसार Sundarbans Pirate Threat अब फिर से मजबूत हो रहा है।
🔹 राजनीतिक अशांति के बाद वापसी
2024 की राजनीतिक अशांति के बाद डाकुओं की गतिविधियां बढ़ीं।
इसी दौरान Sundarbans Pirate Threat दोबारा उभरा है।
🔹 तटरक्षक बल की कार्रवाई
बांग्लादेश तटरक्षक बल ने इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन तेज किए हैं।
अब तक 52 बंधकों को मुक्त किया गया है।
🔹 हथियारों की बरामदगी
ऑपरेशन में हथियार, ग्रेनेड और गोला-बारूद जब्त किए गए।
इससे Sundarbans Pirate Threat की गंभीरता और स्पष्ट होती है।
🔹 आधिकारिक चिंता
वन विभाग और पुलिस ने समस्या को स्वीकार किया है।
हालांकि Sundarbans Pirate Threat पर औपचारिक शिकायतें अभी कम हैं।
🔹 मछुआरों की अपील
स्थानीय मछुआरों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
ताकि Sundarbans Pirate Threat से उनकी जान और रोजगार सुरक्षित रह सके।




