सुपौल में दिव्यांगजनों के लिए बड़ी पहल
बिहार के सुपौल जिले में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाहरणालय में आयोजित स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में 104 पात्र दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
डीएम सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। इस दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई और पात्र लाभार्थियों का चयन किया गया।
योजना से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना दिव्यांगजनों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे उन्हें बेहतर गतिशीलता मिलेगी और वे शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक गतिविधियों में आसानी से भाग ले सकेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजना के लाभ से वंचित न रहे।
गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी जानकारी
डीएम ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से जीविका दीदियों के माध्यम से गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। पंचायत स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।
योजना के लिए पात्रता शर्तें
अधिकारियों के अनुसार योजना का लाभ उन्हीं दिव्यांगजनों को मिलेगा जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है और जिनकी लोकोमोटर दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे ज्यादा है। लाभार्थी की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
चयनित लाभार्थियों को जल्द मिलेगा लाभ
बैठक में प्राप्त आवेदनों की विस्तार से जांच की गई और दस्तावेजों के आधार पर 104 लाभार्थियों का चयन किया गया। प्रशासन ने बताया कि चयनित दिव्यांगजनों को जल्द ही बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में मिलेगी मदद
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।



