तिथि के घटने से इस बार नौ नहीं दस दिन तपेगा प्रदेश

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जयपुर, 20 मई (हि.स.)। सूर्यदव 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। जिसके बाद नौतपा कि शुरुआत होगी। लेकिन इस बार तिथि के घटने से नौ नहीं दस दिन प्रदेश वासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। सूर्यदेव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद प्रदेश का पारा 45 डिग्री पार रहने की संभावना जताई जा रही है। पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी को नौ तपा शुरु होगा। जो शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर 8 जून तक रहेंगा। इसी दिन सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। हर साल ज्येष्ठ महीने में नौतपा की शुरुआत विशेष खगोलीय स्थिति के साथ होती है।

ज्योतिषचार्य बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि यह अवधि 15 दिनों की मानी जाती है, लेकिन शुरुआती 9 दिन सबसे ज्यादा तपन वाले होते हैं। यही इसी कारण इसे नौतपा कहा जाता है। इस बार ये 9 दिन ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी पर 3 जून को पूरे होंगे। तिथि घटने के कारण पिछले साल 2 जून को नौतपा संपन्न हुआ था। यानी इस बार प्रदेश एक दिन ज्यादा तपेगा।

जानकारों के अनुसार नौतपा में तेज धूप और भीषण गर्मी होती है। वजह ये है कि नौतपा के दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है। सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। शास्त्रीय मान्यता है कि जब ज्येष्ठ मास में सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब गर्मी बढ़ती है। क्योंकि रोहिणी को चंद्रमा का नक्षत्र बताया गया है। सूर्य की प्रकृति चंद्रमा से उलट है। इसलिए सूर्य के रोहिणी में रहते चंद्रमा की शीतला कम हो जाती है।

ज्योतिषाचार्य ज्योतिषाचार्य शर्मा ने बताया कि नौतपा में विधि-विधान से सूर्यदेव की उपासना करनी चाहिए। इससे जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो सकती है। इसके साथ रोजाना सुबह उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके लिए एक तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और रोली डालें। इसके बाद सूर्य देव को देखते हुए अघ्र्य दें। ऐसा करने से जातक को सूर्य देव की कृपा की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता ऊर्जा का संचार बना रहता है।

इस दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। दिन के उस समय से बचें जब सूरज अपनी पूरी ताकत से चमक रहा हो। बाहर जाने की जरूरत हो तो सिर पर कपड़ा ढककर जाएं। इस दौरान ठंडे पेय पदार्थ जैसे नारियल पानी, जूस आदि का सेवन करें ताकि शरीर ठंडा रहे। इस मौसम में अत्यधिक शारीरिक श्रम से बचें और आराम करें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो अधिकतर समय छांव में रहें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें।

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