⚖️ विवाद ने पकड़ा कानूनी मोड़
प्रयागराज में Swami Avimukteshwaranand Notice Dispute और गहरा गया है।
मामला अब सीधे सुप्रीम कोर्ट से जुड़ गया है।
📩 नोटिस का जवाब भेजा गया
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता ने जवाब भेजा।
यह जवाब प्रयागराज मेला प्राधिकरण को ईमेल के माध्यम से दिया गया।
⏰ 24 घंटे का अल्टीमेटम
वकील ने स्पष्ट चेतावनी दी है।
यदि 24 घंटे में नोटिस वापस नहीं लिया गया, तो गंभीर परिणाम होंगे।
🚨 अवमानना की चेतावनी
नोटिस न हटाने पर प्राधिकरण को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा।
इससे Swami Avimukteshwaranand Notice Dispute और गंभीर हो जाएगा।
🧾 छवि धूमिल करने का आरोप
स्वामी के पक्ष ने कहा कि नोटिस सार्वजनिक रूप से लगाया गया।
इससे संत की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
⚠️ मानहानि का मुकदमा संभव
वकील ने यह भी संकेत दिया है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मानहानि याचिका दायर की जाएगी।
🗣️ मीडिया प्रभारी का बयान
स्वामी के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगी सरकार ने जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।
🏛️ मेला प्राधिकरण की भूमिका पर सवाल
इस Swami Avimukteshwaranand Notice Dispute ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अब सभी की नजरें प्राधिकरण की अगली कार्रवाई पर हैं।
📢 निष्कर्ष
यह मामला केवल नोटिस का नहीं रहा।
यह अब न्यायिक मर्यादा और अधिकारों का बड़ा प्रश्न बन गया है।




