मुंबई हमले का गुनहगार तहव्वुर राणा लाया जाएगा भारत, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण को दी मंजूरी

0
380

वाशिंगटन, 25 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका के लॉस एंजिल्स की जेल में बंद आतंकवादी तहव्वुर राणा को अब भारत लाने से कोई नहीं रोक सकता। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। 63 वर्षीय तहव्वुर राणा 2008 में भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए 26/11 के आतंकवादी हमलों का दोषी है। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ समीक्षा याचिका खारिज कर दी।

मुंबई हमलों के कुसूरवार राणा 13 नवंबर को संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की थी। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद 21 जनवरी को शीर्ष न्यायालय ने इसे अस्वीकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश संख्या (21/01/2025) में याचिका खारिज करते हुए उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी।

भारत लंबे समय से पाकिस्तान मूल के कनाडाई नागरिक राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। आतंकवादी राणा के पास भारत प्रत्यर्पित न किए जाने का यह आखिरी कानूनी विकल्प था। इससे पहले वह सैन फ्रांसिस्को में उत्तरी सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय सहित कई संघीय अदालतों में कानूनी लड़ाई हार चुका है।

फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने वर्ष 2009 में आतंकवादी राणा को शिकागो से दबोचा था। फिलवक्त वह लॉस एंजिल्स की एक जेल में बंद है। राणा लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य रहा है।उसने आतंकवादी डेविड कोलमन हेडली की मदद की थी। हेडली को मुंबई हमले का मास्टर माइंड माना जाता है। पाकिस्तान में जन्मा राणा कनाडा का नागरिक है। कनाडा जाने से पहले उसने 10 वर्ष तक पाकिस्तान की सेना में बतौर डॉक्टर की नौकरी कर चुका है। मुंबई आतंकी हमले में छह अमेरिकी नागरिकों समेत कुल 166 लोगों की जान गई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here