टांडा मेडिकल कॉलेज में बड़ा प्रशासनिक फैसला
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल टांडा मेडिकल कॉलेज से हृदय रोग विशेषज्ञ का तबादला किए जाने के बाद राजनीतिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने वरिष्ठ चिकित्सक को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए शिमला स्थानांतरित किया है।
नई जिम्मेदारी पर भेजे गए विशेषज्ञ
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार हृदय रोग विशेषज्ञ का तबादला कर उन्हें चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त किया गया है। इस निर्णय के बाद मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ सेवाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है।
भाजपा ने सरकार को घेरा
हृदय रोग विशेषज्ञ का तबादला होने के बाद भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पहले से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी झेल रहे विभागों को और कमजोर करना मरीजों के हित में नहीं है।
मरीजों की सुविधाओं पर उठे सवाल
विपक्ष का दावा है कि हृदय रोग विशेषज्ञ का तबादला सीधे तौर पर उन मरीजों को प्रभावित कर सकता है, जो हृदय संबंधी उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज पर निर्भर हैं। इस फैसले को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता
भाजपा ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
सरकार से की गई मांग
हृदय रोग विशेषज्ञ का तबादला होने के बाद विपक्ष ने मांग की है कि टांडा मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। इससे मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।



