त्योहारों के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने पर उपायुक्त ने जताया आभार

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रांची, 08 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की मिसाल बन गई। वर्ष 2025 में होली, ईद, सरहुल, छठ, चैती दुर्गा पूजा और रामनवमी जैसे विविध त्योहारों को रांचीवासियों ने न केवल श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया, बल्कि एक-दूसरे के पर्वों में सहभागी बनकर भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की।

उपयुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मंगलवार को बताया कि जिला प्रशासन की सूझबूझ, समन्वय और सजगता ने इन सभी त्योहारों को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने त्योहारों के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था से लेकर स्वच्छता, प्रकाश, चिकित्सा और तकनीकी निगरानी तक, हर पहलू को बारीकी से संभाला गया। शांति समितियों की सक्रियता, सोशल मीडिया की सतर्क निगरानी और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती ने पर्वों के उल्लास को निर्बाध बनाये रखा। इन आयोजनों से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च स्तरीय बैठकों में अधिकारियों को असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने और अफवाहों पर रोक लगाने के निर्देश दिये थे, जिसका क्रियान्वयन धरातल पर साफ दिखाई दिया।

उन्होंने कहा कि होली, ईद पर विभिन्न समुदायों की मौजूदगी ने भाईचारे को और मजबूत किया। आदिवासी संस्कृति का प्रतीक सरहुल पर्व अपनी शोभायात्राओं और लोक उल्लास के साथ मनाया गया। चैती दुर्गा पूजा और रामनवमी के भव्य जुलूसों ने रांची की सड़कों को भक्ति और ऊर्जा से भर दिया। प्रशासन ने इस सहयोग के लिए महावीर मंडल, श्रृंगार समिति, तपोवन मंदिर समिति, डोरंडा और महानगर महावीर मंडल, केंद्रीय सरना समिति और सेंट्रल मोहर्रम कमेटी सहित सभी धार्मिक-सामाजिक संगठनों को आभार और बधाई दी। इस क्रम में पुलिस बल, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और अन्य प्रशासनिक इकाइयों के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को भी उनके कर्तव्यनिष्ठ सहयोग के लिए धन्यवाद और शुभकामनाएं दी।

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