रमजान के चांद पर क्यों बढ़ी चिंता?
Solar eclipse eye safety | रमजान की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए दुनियाभर में लोग आसमान की ओर नज़रें टिकाए रहते हैं।
इसी बीच Abu Dhabi से आई एक अहम चेतावनी ने लोगों को सतर्क कर दिया है।
खगोल विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार चांद देखने की प्रक्रिया ऐसे समय के आसपास हो सकती है जब सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है। ऐसे में सीधे सूरज की ओर देखने से आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
क्या है असली खतरा – eye safety?
विशेषज्ञ बताते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान:
- सूरज की रोशनी कम दिखती है
- लेकिन हानिकारक किरणें (UV और IR) बनी रहती हैं
- लोग बिना सुरक्षा ज्यादा देर तक सूरज देख लेते हैं
👉 यही गलती आंखों की रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है, जिसे Solar Retinopathy कहा जाता है।
कैसे छिन सकता है आंखों का नूर?
अगर कोई व्यक्ति:
- बिना फिल्टर के सूरज देखे
- कैमरा, दूरबीन या चश्मे से सीधे देखे
- लंबे समय तक आसमान में सूरज खोजता रहे
तो रेटिना जल सकती है। इसका नुकसान कई बार स्थायी होता है और इलाज मुश्किल होता है।
अबू धाबी की क्या है एडवाइजरी?
Abu Dhabi के खगोलीय अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि:
- नंगी आंखों से सूरज न देखें
- साधारण सनग्लास से भी न देखें
- सिर्फ प्रमाणित eclipse glasses का इस्तेमाल करें
- बच्चों पर खास नजर रखें
eye safety से चांद कैसे देखें?
- सूरज ढलने के बाद ही चांद देखें
- अगर दिन में देखना हो तो सूरज की दिशा से बचें
- ISO प्रमाणित eclipse glasses इस्तेमाल करें
- कैमरा/दूरबीन बिना सोलर फिल्टर के न लगाएं
- बच्चों को खुद से सूरज देखने न दें
किन चीजों से बिल्कुल न देखें?
- धूप का चश्मा
- एक्स-रे फिल्म
- रंगीन शीशा
- पानी में प्रतिबिंब
- मोबाइल कैमरा सीधे सूरज पर
ये सभी आंखों को बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं रखते।




