नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में एक तृणमूल कांग्रेस पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
पंचायत सदस्य काजल बेरा गिरफ्तार
तमलुक स्थित उत्तर सोनामुई ग्राम पंचायत की वर्तमान सदस्य और पूर्व प्रधान काजल बेरा को पुलिस ने रविवार रात उनके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने यह कार्रवाई अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की।
युवाओं से लाखों रुपये लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार, काजल बेरा पर बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बड़ी रकम लेने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पैसे लेने के बावजूद किसी को नौकरी नहीं मिली। इसी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी मामले में उनके खिलाफ पहले से शिकायत दर्ज थी।
अदालत में अनुपस्थित रहने पर जारी हुआ वारंट
मामला अदालत में विचाराधीन था। पुलिस के मुताबिक, लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। वारंट मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
चेक बाउंस के भी कई आरोप
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि काजल बेरा के खिलाफ कई वित्तीय मामलों की शिकायतें दर्ज हैं। आरोप है कि पैसे वापस करने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए। इससे नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप और गंभीर हो गए हैं।
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। काजल बेरा को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
ग्राम पंचायत की वर्तमान सदस्य और पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। हालांकि इस मामले पर अभी तक तृणमूल कांग्रेस की स्थानीय या जिला इकाई की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



