पारम्परिक सखी सोमवार मेले के प्रवेश द्वार पर ताला लगाने से विवाद, हंगामे के बाद खुला गेट
पारम्परिक सखी सोमवार मेले के प्रवेश द्वार पर ताला लगाने से एक बड़ा विवाद हुआ। मेले के आयोजकों ने इस कदम से विवादित बयान दिया कि सखी सोमवार मेले को अब सिर्फ महिलाओं के लिए होगा। आयोजकों का कहना था कि सखी सोमवार मेले को महिलाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है क्योंकि यह मेला उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए है।
विवाद और हंगामा
मेले के प्रवेश द्वार पर ताला लगाने के बाद, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। वे आयोजकों के इस फैसले को गलत मानते हुए हंगामा कर रहे थे। लोगों ने कहा कि सखी सोमवार मेला हर किसी के लिए है, न कि सिर्फ महिलाओं के लिए। आयोजकों के इस फैसले से स्थानीय लोगों में बेहद गुस्सा था।
स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
स्थानीय लोगों ने मेले के प्रवेश द्वार पर एकत्रित होकर आयोजकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वे नारे लगा रहे थे और आयोजकों के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी विरोध करने लगे। यह दृश्य देखने के लिए स्थानीय लोगों का जमावड़ा था।
आयोजकों का माफी मांगना
आयोजकों ने अपने इस फैसले के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सखी सोमवार मेले को महिलाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित करना नहीं था, बल्कि यह मेला हर किसी के लिए है। आयोजकों ने कहा कि उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी मांगी है और आगे से ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे।
मेले का खुला गेट
आयोजकों के माफी मांगने के बाद, स्थानीय लोगों ने अपना विरोध बंद कर दिया। मेले का प्रवेश द्वार फिर से खुल गया। लोगों ने मेले में भाग लेने के लिए अपने घरों से निकल पड़े। यह दृश्य देखने के लिए स्थानीय लोगों का जमावड़ा था।
निष्कर्ष
सखी सोमवार मेले के प्रवेश द्वार पर ताला लगाने से विवाद हुआ था। आयोजकों के इस फैसले से स्थानीय लोगों में गुस्सा था। आयोजकों ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी और मेले का प्रवेश द्वार खुलवाया। यह मेला अब फिर से हर किसी के लिए खुला है।


