अचानक पटरी पर आए हाथी
उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में गुरुवार तड़के बड़ा हादसा टल गया। डाउन कविगुरु एक्सप्रेस जब घने जंगल से गुजर रही थी तभी अचानक एक हाथी और उसका शावक पटरी पर आ गए। इस घटना ने ट्रेन हाथी टक्कर की आशंका बढ़ा दी थी।
पायलट की तत्परता से बची जान
लोको पायलट प्रकाश कुमार और कामरू मंडल ने स्थिति को देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ट्रेन समय रहते रुक गई और हाथी-शावक सुरक्षित आगे बढ़ गए। यदि ब्रेक समय पर न लगता, तो यह घटना बड़ी ट्रेन हाथी टक्कर में बदल सकती थी।
रुकी रही ट्रेन
करीब 23 मिनट तक ट्रेन रुकी रही। हाथी और उसका बच्चा करीब 1200 मीटर तक ट्रैक पर चलते रहे। बाद में वे जंगल की ओर लौट गए। इसके बाद पैसेंजर ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
यात्रियों ने ली राहत की सांस
ट्रेन यात्रियों ने लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की। उनका कहना था कि यदि जरा भी देरी होती तो ट्रेन हाथी टक्कर में न केवल वन्यजीवों की जान जाती, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी।
वन्यजीव सुरक्षा का संदेश
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रेलवे पटरियों से गुजरते समय वन्यजीवों की सुरक्षा कितनी अहम है। सतर्कता और जिम्मेदारी से ही ऐसे हादसों को टाला जा सकता है। उत्तर बंगाल में अक्सर ट्रेन हाथी टक्कर की घटनाएँ सामने आती हैं, लेकिन समय रहते उठाए गए कदम जीवन बचा सकते हैं।