उज्जैन, 16 जनवरी (हि.स.)। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में चल रहे पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार की रात मुक्त आकाशी मंच पर सांस्कृतिक संध्या का आगाज सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सोना महापात्रा की प्रस्तुति “जय काल महाकाल” से हुआ। इस दौरान पूरा महाकाल लोक जयघोष से गूंज उठा।
वीर भारत न्यास और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव की तीसरी संध्या में शिव-भक्ति, लोक-संस्कृति और समकालीन संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, इसके बाद सोना महापात्रा ने चार स्वरों पर आधारित विशेष शिव-वंदना प्रस्तुत की, जिसने अपनी आध्यात्मिक गहराई से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
इसके बाद उन्होंने लोकप्रिय गीत “आजा ओ आजा” प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राजस्थानी लोकगीत रहा, जिसे संत मीरा बाई की रचना माना जाता है और जो विवाह परंपरा से जुड़ा है। महापात्रा की टीम के कलाकार साहिल सोलंकी ने “लगी तेरे संग प्रीत मेरे शंकरा” गीत से माहौल को और भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम से पहले कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, प्रशासक प्रथम कौशिक और नरेश शर्मा ने सोना महापात्रा का सम्मान किया।
भव्य ‘कला यात्रा’ का आयोजन
वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि तीसरे दिन भव्य कला यात्रा निकाली गई। इसमें उज्जैन की मयूरी डोड और उनके दल ने आकर्षक मटकी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। यात्रा शास्त्री नगर → नीलगंगा चौराहा → हाट बाजार → महाकाल लोक तक पहुंची।




