उज्जैन में मध्य रात्रि को हुई भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रथम पूजा
उज्जैन, 17 अगस्त 2026 – मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के मंदिर में आज मध्य रात्रि को प्रथम पूजा का आयोजन किया गया। यह पूजा भगवान नागचंद्रेश्वर के अवतार के रूप में जाने जाने वाले महाराजा शिवाजी के जन्मोत्सव के अवसर पर की गई।
भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का महत्व
भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का आयोजन पारंपरिक रूप से भगवान शिव के अवतार महाराजा शिवाजी के जन्मोत्सव के अवसर पर किया जाता है। भगवान नागचंद्रेश्वर को मारवाड़ियों के आराध्य देव के रूप में जाना जाता है। उनकी पूजा का महत्व उनके दर्शन करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
उज्जैन में भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजा आयोजन
उज्जैन में भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का आयोजन भगवान शिव के मंदिर में किया गया। इस पूजा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। पूजा के दौरान भगवान नागचंद्रेश्वर को प्रसाद और फूल चढ़ाए गए।
भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का महत्व महाराजा शिवाजी के लिए
भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का महत्व महाराजा शिवाजी के लिए इसलिए भी है क्योंकि उन्हें भगवान नागचंद्रेश्वर का अवतार माना जाता है। महाराजा शिवाजी का जन्मोत्सव भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा के साथ मनाया जाता है।
उज्जैन में पूजा की भव्यता
उज्जैन में भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का आयोजन बहुत भव्य ढंग से किया गया। पूजा के दौरान भगवान नागचंद्रेश्वर को प्रसाद और फूल चढ़ाए गए। पूजा के बाद भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए गए।
निष्कर्ष
भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का आयोजन भगवान शिव के मंदिर में किया गया। यह पूजा भगवान नागचंद्रेश्वर के अवतार महाराजा शिवाजी के जन्मोत्सव के अवसर पर की गई। भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा का महत्व उनके दर्शन करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है।


