उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म 2 से 7 तक नहीं मिला एक भी शौचालय
उज्जैन, 09 जुलाई 2026 – उज्जैन रेलवे स्टेशन एक महत्वपूर्ण यात्री स्टेशन है, जो मध्य प्रदेश के पवित्र शहर उज्जैन को दिल्ली और अन्य हिस्सों से जोड़ता है। यहां से दिन-रात की ट्रेनें चलती रहती हैं, लेकिन यहां की एक बड़ी समस्या है जो यात्रियों के लिए बहुत परेशानी का कारण बन रही है। प्लेटफार्म 2 से 7 तक के सभी खंडों पर एक भी शौचालय नहीं है।
उज्जैन रेलवे स्टेशन की बदहाली का आलम
उज्जैन रेलवे स्टेशन की बदहाली का आलम यह है कि प्लेटफार्म 2 से 7 तक के सभी खंडों पर एक भी शौचालय नहीं है। जब इस बारे में पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने जानकारी मांगी, तो रेलवे अधिकारियों ने कहा कि शौचालय बनाने का काम जल्द ही शुरू होगा। लेकिन जब तक काम नहीं होता, यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों की समस्या कितनी बड़ी है
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर हर दिन लाखों यात्री आते हैं। इनमें से अधिकांश यात्री ट्रेन में बैठकर यात्रा करते हैं और शौचालय के अभाव में उन्हें बहुत परेशानी होती है। खासकर महिलाएं और बुजुर्ग यात्री शौचालय के अभाव में बड़ी परेशानी का सामना करते हैं। कई बार तो यात्री ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतरकर शौचालय की तलाश में घूमते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिलती।
रेलवे अधिकारियों की निष्क्रियता का आलम
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर शौचालय की कमी की समस्या के बावजूद, रेलवे अधिकारियों ने इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जब इस बारे में पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने जानकारी मांगी, तो उन्होंने कहा कि शौचालय बनाने का काम जल्द ही शुरू होगा। लेकिन जब तक काम नहीं होता, यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर शौचालय की कमी की समस्या के बावजूद, यात्रियों को अपनी समस्याओं के लिए रेलवे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। अगर आप भी उज्जैन रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो अपनी समस्याओं के लिए रेलवे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराएं और उनसे शौचालय का निर्माण करने की मांग करें।
निष्कर्ष
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर शौचालय की कमी की समस्या को हल करने के लिए, रेलवे अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें शौचालय बनाने का काम जल्द ही शुरू करना चाहिए, ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा, यात्रियों को भी अपनी समस्याओं के लिए रेलवे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना चाहिए और उनसे शौचालय का निर्माण करने की मांग करनी चाहिए।


