समुद्र में मिली अलग दुनिया
डेनमार्क की आरहूस खाड़ी में वैज्ञानिकों को समुद्र में मिली अलग दुनिया, जो करीब 8,500 साल पुरानी है।
इसे ‘पाषाण युग का अटलांटिस’ और ‘टाइम कैप्सूल’ कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि –
आखिरी हिमयुग (Ice Age) खत्म होने के बाद जब बर्फ पिघली और समुद्र का स्तर बढ़ा, तो यह बस्ती पानी में डूब गई।
समुद्र में मिली अलग दुनिया इस खोज से?
- यहां खुदाई में पत्थर और लकड़ी के औजार मिले।
- जानवरों की हड्डियां और तीर के सिरे मिले हैं।
- खाने-पीने की वस्तुएं और लकड़ी के घरों के निशान भी सुरक्षित हैं।
पुरातत्वविदों के अनुसार, पानी के नीचे ऑक्सीजन की कमी होने से ये सारी चीजें हजारों साल तक संरक्षित रह गईं।
यही कारण है कि वैज्ञानिक इसे एक “Time Capsule” कह रहे हैं।
क्या ऐसी खोज पहले भी हुई है?
जमीन पर पाषाण युग की बस्तियां पहले भी खोजी गई हैं, लेकिन समुद्र के अंदर यह खोज बेहद अनोखी है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां से मछली पकड़ने के औजार भी मिल सकते हैं,
क्योंकि उस समय लोग समुद्र पर ही अपनी आजीविका के लिए निर्भर रहते थे।
कितना आएगा खर्च?
इस खोज के लिए वैज्ञानिक बाल्टिक और उत्तरी सागर में 6 साल का एक अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट चला रहे हैं।
- कुल बजट: 15.5 मिलियन डॉलर
- लक्ष्य: समुद्र में डूबी बस्तियों का नक्शा बनाना और पाषाण युग के जीवन को समझना।
गर्मी के मौसम में टीम ने आरहूस खाड़ी में 26 फीट नीचे जाकर खुदाई की और पानी के अंदर इस्तेमाल होने वाले वैक्यूम पंप से दबी हुई वस्तुएं इकट्ठा कीं।
क्या भविष्य में और खोज होगी?
वैज्ञानिकों का कहना है कि वे समुद्र में और भी दो जगहों पर खुदाई करेंगे।
हालांकि ये काम आसान नहीं होगा क्योंकि समुद्र की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं।
इन खोजों से यह समझने में मदद मिलेगी कि प्राचीन काल में लोग समुद्री तट के बदलते स्तर के साथ कैसे खुद को ढालते थे।
आज जब दुनिया में समुद्र का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, यह खोज मानव सभ्यता के लिए बहुत अहम सबक साबित हो सकती है।