🌧️ अचानक बारिश से बिगड़ी स्थिति
उमरिया जिले में मंगलवार देर रात हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी और कटी दोनों तरह की फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल है।
🌾 खेत और खलिहान दोनों प्रभावित
बताया जा रहा है कि करीब 90 प्रतिशत किसानों की फसल अभी खेतों में ही है। कई किसान गेहूं की कटाई की तैयारी में थे, लेकिन बारिश के कारण काम रुक गया। वहीं चना और मसूर जैसी फसलें खलिहान में रखी थीं, जो अब नमी के कारण खराब होने लगी हैं।
⚠️ गुणवत्ता पर असर, कीटों का खतरा
किसानों का कहना है कि बारिश के कारण गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे बाजार में कीमत कम मिल सकती है। इसके अलावा चना, मसूर, बरबटी और भिंडी जैसी फसलों में कीड़े लगने का खतरा भी बढ़ गया है।
🧑🌾 किसानों की बढ़ती चिंता
लालपुर के किसान गेंद लाल कुशवाहा ने बताया कि सब्जियों की फसल पहले ही खराब हो चुकी है और अब गेहूं, चना व मसूर भी नुकसान की कगार पर हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि फिर बारिश या तेज हवा चली तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।
🌦️ मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
📢 सरकार से राहत की मांग
किसानों ने मांग की है कि यदि गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होती है, तो सरकार को समर्थन मूल्य पर चमक विहीन गेहूं की खरीद की अनुमति देनी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।



