लखनऊ, 28 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि 2017 से अब तक साढ़े सात लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी है। यह पिछली सपा और बसपा सरकार में युवाओं को मिली सरकारी नौकरी से बहुत ज्यादा है।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने प्रश्नकाल के दौरान सपा सदस्य डॉ. राकेश वर्मा के सवाल पर बताया कि बसपा सरकार के दौरान वर्ष 2007 से 2012 तक 74,762 और सपा सरकार के दौरान वर्ष 2012 से 2017 तक एक लाख 39 हजार 700 सरकारी नौकरी दी गयी। वहीं 2017 से अबतक साढ़े सात लाख से अधिक सरकारी नौकरी दी गयी। 13 लाख से ज्यादा युवाओं को निजी क्षेत्र में सेवायोजित करने का कार्य किया गया है। 24 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य में वर्ष 2017 से योगी आदित्यनाथ की सरकार है।
सपा सदस्य डॉ. राकेश वर्मा ने कहा था कि 41 लाख युवा बेरोजगार हैं। उनमें केवल 2.80 लाख युवाओं का प्रशिक्षण कराया गया है। इनमें भी डेढ़ लाख युवा ग्रेजुएट हैं। इनको रोजगार की सरकार की क्या योजना है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि योगी सरकार पर निवेशकों का भरोसा है। आज लोग यूपी में निवेश करना चाहते हैं। सरकार की मंशा रोजगार देने की है। बेरोजगार युवकों की जो सूची दी गयी, उसमें से कई युवा सरकारी नौजरी पा चुके होंगे। इनमें बाहर प्रदेशों के युवा भी शामिल हैं। इसलिए उसके आधार पर बेरोजगार युवाओं का आकलन करना उचित नहीं है। हमारी सरकार युवाओं को रोजगार दे रही है।
होमगार्डों का मानदेय 375 से बढ़ाकर 600 किया
होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि होमगार्ड की नियमित नौकरी नहीं है। उन्हें ड्यूटी के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। 2017 में जब योगी सरकार आयी उस समय 375 रुपये प्रतिदिन मिलता था। हमारी सरकार ने 125 रुपये बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया। उसके कुछ समय बाद ही 100 रुपये बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन मानदेय तय किया। पहले होमगार्ड को ड्यूटी पर रहते हुए मृत्यु पर तीन लाख रुपये मिलते थे। हमारी सरकार ने उसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया। वह ड्यूटी पर हो या घर पर, यदि कोई दुर्घटना में मौत होती है तो भी पांच लाख रुपये मिलेंगे। मंत्री ने सपा सदस्य संदीप सिंह के प्रश्नों का उत्तर में यह बातें सदन को बताईं।