मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करते उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।
आज सुबह के समय मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने विंध्याचल में स्थित मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किया। यह घटना 26 जून 2026 को हुई थी, जब उपमुख्यमंत्री ने पवित्र तीर्थ स्थल पर पहुंचकर अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया।
मां विंध्यवासिनी की पवित्रता का महत्व
मां विंध्यवासिनी एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है, जो मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित है। इसका महत्व हमेशा से ही हिंदू धर्म में रहा है, और यहाँ की पवित्रता को लेकर कई पौराणिक कथाएँ भी हैं। उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने भी मां विंध्यवासिनी की पवित्रता का महत्व समझते हुए इसके दर्शन-पूजन किया।
उपमुख्यमंत्री की भक्ति
श्री ब्रजेश पाठक ने अपने दर्शन-पूजन के दौरान मां विंध्यवासिनी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने पूजन में विशेषतौर पर मां के लिए भोग लगाया और उनकी आरती की। यह दृश्य देखकर लोगों में भी पवित्र भावना का संचार हुआ, और वे भी अपनी भक्ति का प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हुए।
लोक कल्याण के प्रति उपमुख्यमंत्री का संकल्प
उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के दौरान कहा कि वह लोक कल्याण के प्रति अपना संकल्प मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास के कार्यों को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे, जिससे गरीबों को भी अधिक से अधिक लाभ हो।
समाज में सामाजिक समरसता का संदेश
मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने समाज में सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें एक-दूसरे के साथ भाईचारे के साथ जीना चाहिए और समाज में कोई भी विभाजन नहीं होना चाहिए। इससे हमारे समाज में अधिक से अधिक प्रगति होगी और लोगों की सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
निष्कर्ष
उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक का मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन एक पवित्र और भावनात्मक अनुभव था। उन्होंने अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया और लोक कल्याण के प्रति अपना संकल्प मजबूत किया। इससे समाज में सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया, जिससे समाज में अधिक से अधिक प्रगति होगी।


