वाराणसी में जमीन से आसमान तक घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित
वाराणसी, 15 दिसंबर। वाराणसी में घना कोहरा सोमवार सुबह जनजीवन पर भारी पड़ता नजर आया। सुबह करीब 8:30 बजे तक जमीन से लेकर आसमान तक कोहरे की मोटी चादर तनी रही। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण चंद कदम की दूरी भी साफ दिखाई नहीं दे रही थी। घने कोहरे के चलते शहर और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार शनिवार शाम से ही कोहरा छाने लगा था, जो रात के साथ और घना होता चला गया। सुबह के समय चार पहिया वाहन चालक फॉग लाइट जलाकर चलते दिखे, जबकि बाइक चालकों को खासा संघर्ष करना पड़ा।
ठंड और गलन से बच्चे परेशान
ठंड और धुंध भरी सुबह में स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे कुनमुनाते नजर आए। कई स्थानों पर अभिभावकों को बच्चों को जबरन स्कूल ले जाते देखा गया। कोहरे के साथ बढ़ी गलन ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते पुरवा हवाएं चलेंगी और बादल छाए रह सकते हैं। आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव है, हालांकि कोहरा और घना हो सकता है। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में गलन और बढ़ने की आशंका है।
तापमान और आद्रता का हाल
सोमवार सुबह 10 बजे वाराणसी का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दृश्यता शून्य रही, जबकि आद्रता 54 प्रतिशत मापी गई। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री और न्यूनतम 10.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
कोहरे में भी गंगाघाटों पर रौनक
घने कोहरे के बावजूद गंगाघाटों पर पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली। साइबेरियन पक्षियों के कलरव के बीच पर्यटक गंगा में नौकायन करते और पक्षियों को दाना डालते नजर आए। नाविकों के अनुसार, ऐसे मौसम में विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ जाती है, जो सुबह-ए-बनारस के नजारों को कैमरे में कैद करना पसंद करते हैं।



