🔹 कहां हुआ आयोजन?
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में भव्य आयोजन हुआ।
गुजरात स्थापना दिवस वाराणसी में खास उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में आयोजित हुआ।
🔹 कैसा रहा कार्यक्रम का माहौल?
डांडिया और गरबा की रंगारंग प्रस्तुति हुई।
महिला शिक्षकों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
गुजरात स्थापना दिवस वाराणसी में उत्सव जैसा माहौल बना।
🔹 क्या बोले कुलपति?
प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने संस्कृति पर जोर दिया।
उन्होंने विविधता को भारत की ताकत बताया।
गुजरात स्थापना दिवस वाराणसी का संदेश एकता पर केंद्रित रहा।
🔹 सांस्कृतिक महत्व पर क्या कहा गया?
समन्वयक प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा ने जानकारी दी।
गरबा और डांडिया को भक्ति और ऊर्जा का प्रतीक बताया।
गुजरात स्थापना दिवस वाराणसी में परंपरा को महत्व मिला।
🔹 छात्रों की प्रस्तुति ने जीता दिल
पारंपरिक वेशभूषा में शानदार प्रदर्शन हुआ।
ताल और लय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
श्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।



