मीट-मांस की दुकानों को लेकर विवाद में नया मोड़
वाराणसी में मीट-मांस की दुकानें शहर से बाहर स्थानांतरित करने को लेकर चल रहे विवाद पर नया घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस संबंध में कांग्रेस पार्षद दल की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था।
कांग्रेस ने किया स्पष्टीकरण का स्वागत
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि नगर निगम प्रशासन द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद सभी भ्रम दूर हो जाने चाहिए। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि तथ्य सामने आने से विवाद समाप्त होना चाहिए।
गुलशन अंसारी ने पहले ही किया था खंडन
कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मीट-मांस की दुकानें शहर से बाहर करने का कोई प्रस्ताव उन्होंने नहीं दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की थी कि यदि ऐसा कोई प्रस्ताव मौजूद है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
व्यापारियों और रोजगार का मुद्दा
गुलशन अंसारी ने कहा कि मीट-मांस की दुकानें हजारों परिवारों की आजीविका का साधन हैं। इसलिए इस क्षेत्र से जुड़े किसी भी निर्णय में व्यापारियों और रोजगार से जुड़े लोगों के हितों का ध्यान रखना आवश्यक है।
काशी की साझा विरासत पर जोर
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि काशी अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जानी जाती है। किसी भी नीति या निर्णय में सामाजिक सद्भाव और सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
शहर की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देने की मांग
कांग्रेस ने नगर निगम से आग्रह किया कि मीट-मांस की दुकानें जैसे विवादों के बजाय शहर की सफाई, जलनिकासी, सड़क, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं पर अधिक ध्यान दिया जाए। नेताओं ने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी निर्णय तथ्यों और संवाद के आधार पर लिए जाएंगे।



