वाराणसी में पर्यटकों को आकर्षित कर रहा शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे का निर्माण कार्य
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में बन रहा भारत का पहला शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे न केवल भविष्य की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि फिलहाल इसका निर्माण कार्य भी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन गया है। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह अर्बन रोपवे मई 2026 तक शुरू किए जाने की तैयारी है।
निर्माण कार्य देखने पहुंच रहे पर्यटक
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने बताया कि भारत ही नहीं बल्कि एशिया का पहला अर्बन रोपवे तेजी से निर्माणाधीन है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में इस आधुनिक परियोजना को देखने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोपवे का निर्माण कार्य स्वयं में एक अनोखा अनुभव बन गया है, जिसे देखने में पर्यटकों की खास रुचि है।
काशी विश्वनाथ मंदिर तक आसान और तेज यात्रा
रोपवे के शुरू होने के बाद वाराणसी जंक्शन (कैंट रेलवे स्टेशन) पर उतरने वाले यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर तक मात्र 20 मिनट में पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे शहर की भीड़भाड़, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या में भी काफी हद तक कमी आएगी।
4 किलोमीटर लंबा आधुनिक रोपवे
इस शहरी परिवहन रोपवे की कुल लंबाई लगभग 4 किलोमीटर होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इसके प्रमुख स्टेशन निम्न स्थानों पर बनाए जा रहे हैं—
- कैंट रेलवे स्टेशन
- विद्यापीठ
- रथयात्रा
- गोदौलिया
ये स्टेशन वाराणसी के सबसे व्यस्त और प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेंगे, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को लाभ मिलेगा।
स्मार्ट सिटी की दिशा में बड़ा कदम
अर्बन रोपवे परियोजना को वाराणसी को स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर के यातायात दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
पर्यटन और विकास को मिलेगा नया आयाम
रोपवे के संचालन के बाद वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक आधुनिक, सुरक्षित और तेज परिवहन विकल्प मिलेगा। इससे शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि और मजबूत होगी और पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।




