🔹 1998 कोयंबटूर विस्फोट की बरसी
सी.पी. राधाकृष्णन ने 1998 कोयंबटूर विस्फोट में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने इसे देश के इतिहास का काला और पीड़ादायक अध्याय बताया।
🔹 उस दिन की भयावह स्मृतियां
14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे।
उस समय लालकृष्ण आडवाणी शहर के दौरे पर थे।
इन धमाकों ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए।
🔹 उपराष्ट्रपति का भावुक संदेश
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उस दिन भय और अनिश्चितता का माहौल था।
उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्यों के दर्दनाक क्षणों को याद किया।
🔹 आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने की अपील
राधाकृष्णन ने सभी नागरिकों से आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट रहने का आह्वान किया।
उन्होंने शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराने की अपील की।
🔹 एक याद, एक संकल्प
1998 कोयंबटूर विस्फोट आज भी देश की स्मृति में अंकित है।
इस अवसर पर राष्ट्र ने पीड़ितों को नमन करते हुए एकजुटता का संदेश दिया।



