मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में आस्था का भव्य दृश्य देखने को मिला। परंपरा के अनुसार श्री विंध्य पंडा समाज की ओर से मां को 21 कुंतल खिचड़ी का महाभोग अर्पित किया गया। विधि-विधान से पूजन के बाद यह पवित्र प्रसाद हजारों श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
सुबह तड़के से ही विंध्याचल धाम में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर परिसर “जय मां विंध्यवासिनी” के जयकारों से गूंज उठा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए भक्तों ने मां से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
🙏 1992 से निभाई जा रही परंपरा
श्री विंध्य पंडा समाज के वरिष्ठ पंडित तेज बहादुर गिरी ने बताया कि वर्ष 1992 से मकर संक्रांति पर खिचड़ी का महाभोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। यह भोग शुद्धता और पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है और फिर मां को अर्पित कर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।
🛡️ प्रशासन रहा मुस्तैद
मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस बल और स्वयंसेवकों की मदद से दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।




