⚖️ सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई से पहले बड़ा फैसला
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने भारत निर्वाचन आयोग को सूचित किया है कि वह 8,505 ग्रुप ‘बी’ अधिकारियों को एसआईआर के लिए उपलब्ध कराने को तैयार है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
🗳️ माइक्रो ऑब्जर्वर पर विवाद
पिछली सुनवाई में ममता बनर्जी ने राज्य में माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि ऐसी नियुक्ति केवल पश्चिम बंगाल में की गई है।
निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने अदालत को बताया कि राज्य ने पहले पर्याप्त ग्रुप ‘बी’ अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए थे। उस समय केवल 80 अधिकारी ही दिए गए थे, जिसके कारण माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने पड़े।
📋 मतदाता सूची में बड़े बदलाव
दिसंबर 2025 में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से करीब 58 लाख नाम हटाए गए थे। कारणों में मृत्यु, पता परिवर्तन या मतदाता का पता न चलना शामिल था। वहीं लगभग 1.36 करोड़ मतदाताओं को ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी में रखा गया।
शीर्ष अदालत ने आयोग को निर्देश दिया है कि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से पूरी की जाए।
⏳ समय सीमा बढ़ाने की मांग
भारत निर्वाचन आयोग से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक सप्ताह की अतिरिक्त समय-सीमा मांगी है। वर्तमान योजना के अनुसार, आधारभूत कार्य 14 फरवरी तक पूरा होना है। यदि समय बढ़ता है, तो अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी तक प्रकाशित हो सकती है।



