पश्चिम बंगाल: शहरी क्षेत्रों में बाल विवाह का खतरा ज्यादा, ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बेहतर

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शहरी बंगाल में बाल विवाह की चिंताजनक दर

कोलकाता, 18 सितंबर। पश्चिम बंगाल में बाल विवाह को लेकर हाल ही में जारी रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में बाल विवाह के मामले ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक हैं।

आंकड़े बताते हैं स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के शहरी और महानगरीय इलाकों में 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों की शादी होने का प्रतिशत 7.6 है। यह न केवल राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों (5.2%) की तुलना में अधिक है, बल्कि देशभर के शहरी क्षेत्रों में भी यह दर सबसे ऊँची मानी जा रही है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान अपेक्षाकृत प्रभावी साबित हुआ है, लेकिन शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में इसके असर में कमी देखी गई है।

सरकारी प्रतिक्रिया और आगे की दिशा

राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अब यह जरूरी है कि शहरी इलाकों में जागरूकता अभियान की खामियों को पहचानकर उन्हें दूर किया जाए। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई जा रही है।

निष्कर्ष

बाल विवाह केवल सामाजिक समस्या ही नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन भी है। पश्चिम बंगाल में ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसके लिए विशेष प्रयास की आवश्यकता है। सरकार और सामाजिक संगठनों के सक्रिय योगदान से इस गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

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