🔹 West Medinipur Potato Price Crisis गहराया
पश्चिम मेदिनीपुर में इस वर्ष आलू की भरपूर पैदावार के बावजूद किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।
West Medinipur Potato Price Crisis खासकर ‘पोखराज’ किस्म उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
🔹 लागत ज्यादा, दाम कम
चंद्रकोणा क्षेत्र के सीतानगर, ढलबांध और आसपास के गांवों में बड़े पैमाने पर खेती हुई।
बाजार में दाम लगभग 470 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि प्रति बीघा 30–35 हजार रुपये लागत आई।
औसतन 60 क्विंटल उत्पादन के बावजूद किसानों को 4–8 हजार रुपये तक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
🔹 निर्यात और स्टॉक बनी बड़ी वजह
West Medinipur Potato Price Crisis की एक बड़ी वजह निर्यात में कमी है।
ओडिशा, बिहार और झारखंड को पहले बड़े पैमाने पर आपूर्ति होती थी।
अब सीमित बाजार और उत्तर प्रदेश के आलू की बढ़ती मांग से स्थानीय व्यापार प्रभावित हुआ है।
🔹 कोल्ड स्टोरेज की समस्या
जिले में करीब 30 कोल्ड स्टोरेज हैं, लेकिन कई जगह पुराने स्टॉक अब भी जमा हैं।
भंडारण समयसीमा पार होने के बाद नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
जब तक पुराने स्टॉक का निपटान और निर्यात सामान्य नहीं होगा, तब तक बाजार में सुधार मुश्किल माना जा रहा है।
🔹 किसानों की मांग
किसानों ने सरकार से हस्तक्षेप कर उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है।
West Medinipur Potato Price Crisis अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डालने लगा है।



