🔹 गीदम में नई शुरुआत
Women Entrepreneurship Bastar की दिशा में गीदम विकासखंड में सराहनीय पहल हुई है।
प्रशिक्षण के बाद कई महिलाओं ने स्वरोजगार की राह चुनी है।
यह कदम स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है।
🔹 पत्तल-दोना निर्माण की पहल
Women Entrepreneurship Bastar के तहत रेणु पोटाम ने नया उद्यम शुरू किया।
उन्होंने साल पत्तों से पर्यावरण अनुकूल पत्तल और दोना बनाना शुरू किया।
स्थानीय स्तर पर कच्चा माल आसानी से उपलब्ध है।
🔹 प्रशिक्षण से मिली दिशा
महिलाओं को व्यवसाय प्रबंधन और बाजार की जानकारी दी गई।
Women Entrepreneurship Bastar कार्यक्रम में ब्रांडिंग और योजनाओं की जानकारी भी मिली।
इससे आत्मविश्वास और बढ़ा है।
🔹 लघु वनोपज को पहचान
लुनिता चिमनकर ने गोंद के लड्डू बनाना शुरू किया।
Women Entrepreneurship Bastar से पारंपरिक उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है।
प्रेमलता यादव ने मिठाइयों को व्यावसायिक पहचान देने का संकल्प लिया।
🔹 बेकरी से बढ़ा रोजगार
सुचिता जैन ने केक और बिस्कुट बनाकर नया काम शुरू किया।
Women Entrepreneurship Bastar से अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं।
रोजगार के स्थानीय अवसर बढ़ रहे हैं।
🔹 आत्मनिर्भरता की मिसाल
Women Entrepreneurship Bastar अब महिला सशक्तिकरण की कहानी बन चुका है।
वन संपदा और आधुनिक प्रशिक्षण का मेल नई पहचान दे रहा है।



