🔹 World Wetlands Day Awareness का आयोजन
विश्व आर्द्र भूमि दिवस पर वाराणसी में विशेष अभियान चलाया गया।
यह अभियान श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर आयोजित हुआ।
🔹 नदियों और आर्द्रभूमि का संदेश
World Wetlands Day Awareness के तहत नदियों के संरक्षण पर जोर दिया गया।
इस दौरान जागरूकता तख्तियां और जीव-जंतुओं के चित्र प्रदर्शित किए गए।
गंगा और अन्य नदियों को माता समान बताते हुए स्वच्छता का संदेश दिया गया।
लोगों को आर्द्रभूमि संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।
🔹 अभियान का नेतृत्व
अभियान का नेतृत्व गंगा सेवक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया।
उन्होंने नदियों को जीवनदायिनी बताया।
🔹 क्यों जरूरी है संरक्षण
उन्होंने कहा कि नदियां और आर्द्रभूमियां साझा भविष्य की नींव हैं।
World Wetlands Day Awareness इसी चेतना को मजबूत करता है।
उन्होंने जल प्रदूषण रोकने की अपील की।
साथ ही जैव विविधता बचाने पर जोर दिया गया।
🔹 सामुदायिक भागीदारी पर बल
अभियान में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की बात कही गई।
नदियों को सूखने से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी बताए गए।
🔹 पर्यावरण और आजीविका का संबंध
वक्ताओं ने कहा कि नदियों का स्वास्थ्य आजीविका से जुड़ा है।
World Wetlands Day Awareness ने इस संबंध को रेखांकित किया।
🔹 युवाओं और नागरिकों की सहभागिता
अभियान में कई पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए।
इनमें सतीश सोमानी, राहुल राय, अवंतिका शर्मा और शिवानी जायसवाल प्रमुख रहे।
🔹 आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश
कार्यक्रम में कहा गया कि संरक्षण आज की जिम्मेदारी है।
World Wetlands Day Awareness आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना।
🔹 निष्कर्ष
विशेषज्ञों के अनुसार नदियों की रक्षा समय की मांग है।
World Wetlands Day Awareness ने काशी से यह संदेश देशभर में पहुंचाया।




