🔹 Yadav Ji Ki Love Story Verdict में राहत
Yadav Ji Ki Love Story Verdict में उच्चतम न्यायालय ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश सुनाया।
कोर्ट ने कहा कि फिल्म के शीर्षक में किसी समुदाय के खिलाफ नकारात्मक अर्थ नहीं है।
🔹 समुदाय को टारगेट करने का आरोप
याचिका विश्व यादव परिषद के प्रमुख की ओर से दायर की गई थी।
याचिका में दावा किया गया कि फिल्म का नाम यादव समुदाय को निशाना बनाता है।
हालांकि Yadav Ji Ki Love Story Verdict में अदालत ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट ने कहा कि शीर्षक में कोई अपमानजनक या नकारात्मक संदर्भ नहीं दिखता।
🔹 ‘घुसखोर’ मामले से तुलना
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला ‘घुसखोर पंडित’ प्रकरण से अलग है।
कोर्ट ने कहा कि ‘घुसखोर’ शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है, जो नकारात्मक है।
लेकिन Yadav Ji Ki Love Story Verdict में ऐसा कोई शब्द प्रयोग नहीं हुआ है।
🔹 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संकेत
सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि क्या अंतरधार्मिक विवाह से राष्ट्रीय ताने-बाने को नुकसान होता है।
कोर्ट ने ‘बैंडिट क्वीन’ फिल्म के पुराने मामले का भी उल्लेख किया।
अदालत ने कहा कि उस मामले में भी समुदाय विशेष को लेकर आपत्ति खारिज की गई थी।



