▶️ यज्ञ चिकित्सा का प्रभाव
प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम में स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने यज्ञ चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका असर शरीर पर सूक्ष्म स्तर पर होता है। यह न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे वातावरण को शुद्ध करने में सहायक मानी जाती है।
▶️ प्राचीन परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
उन्होंने बताया कि यज्ञ चिकित्सा सनातन परंपरा की एक प्राचीन विधि है, जिसका उपयोग ऋषि-मुनि करते थे। वे वातावरण में मौजूद विकारों को पहचानकर विशेष औषधियों के हवन से हवा को शुद्ध करते थे।
▶️ शारीरिक और मानसिक लाभ
सतीश राय के अनुसार, हवन के दौरान मंत्रों के उच्चारण से उत्पन्न ऊर्जा व्यक्ति के शरीर के ऊर्जा केंद्र (चक्रों) को संतुलित करती है। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया वायु को शुद्ध करने के साथ-साथ आसपास के रोगाणुओं को भी नष्ट करने में सहायक मानी जाती है।
▶️ रामनवमी पर हवन का विशेष महत्व
उन्होंने लोगों से अपील की कि रामनवमी के अवसर पर हवन अवश्य करें। उनके अनुसार, इससे दैहिक (शारीरिक), दैविक (प्राकृतिक) और भौतिक (जीवन से जुड़ी समस्याओं) से राहत मिलती है।
▶️ पर्यावरण शुद्धि का माध्यम
सतीश राय ने कहा कि नियमित हवन करने से घर और आसपास का वातावरण शुद्ध रहता है। हवन में प्रयुक्त औषधियों से निकलने वाला धुआं वायु में मौजूद हानिकारक तत्वों को कम करने में मदद करता है।



