जल शक्ति विभाग की पाइप आपूर्ति पर बड़ा सवाल
हिमाचल प्रदेश के Jal Shakti Department Pipe Supply Scam ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। जल शक्ति विभाग में जीआई पाइप की आपूर्ति को लेकर सामने आई एक आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष पेश 22 पन्नों की रिपोर्ट से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और संभावित सांठगांठ के संकेत मिलते हैं।
करोड़ों की सप्लाई पर सवाल
भाजपा के अनुसार मार्च 2025 में लगभग 4,770 मीट्रिक टन GI पाइप की आपूर्ति के लिए APL Apollo Tubes Ltd. को करीब 36.77 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रांसपोर्ट और ट्रांसशिपमेंट की प्रक्रिया में निविदा की शर्तों का उल्लंघन हुआ।
13.150 मीट्रिक टन पाइप, जिनकी कीमत लगभग 10.19 लाख रुपये बताई गई, सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि की मौजूदगी के बिना बड़सर डिवीजन भेज दिए गए।
ई-वे बिल और ट्रांसशिपमेंट पर संदेह
भाजपा का आरोप है कि बिना वास्तविक ट्रांसशिपमेंट के फर्जी ई-वे बिल का उपयोग किया गया। जबकि टेंडर की शर्तों के अनुसार माल की तौल, ट्रांसपोर्ट और ट्रांसशिपमेंट सिविल सप्लाई प्रतिनिधि की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के साथ होना अनिवार्य था।
भाजपा ने क्या मांगा?
संदीपनी भारद्वाज ने मांग की है कि —
✔ इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी किया जाए
✔ एफआईआर दर्ज कराई जाए
✔ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो
उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी धन की संभावित लूट का संकेत देता है।




