पलामू में नीलगायों का कहर, किसान बोले – बिहार मॉडल पर ‘शूट एंड साइट’ लागू हो

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झारखंड के पलामू जिले में नीलगाय आतंक पलामू अब किसानों के लिए सबसे बड़ा संकट बन गया है।
हैदरनगर प्रखंड के दर्जनों गांवों में फसलें रातोंरात बर्बाद हो रही हैं।

🌾 फसलों पर भारी हमला

नीलगायों के झुंड गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों को नष्ट कर रहे हैं।
किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है।

नीलगाय आतंक पलामू से सैकड़ों किसान कर्ज के बोझ में फंसते जा रहे हैं।

🐃 पहरा भी बेकार

किसान रात भर खेतों में जागते हैं और बाड़ भी लगाते हैं।
फिर भी नीलगायों को रोकना लगभग असंभव हो गया है।

कई गांवों में खेत पूरी तरह उजड़ चुके हैं।
इससे किसानों में गुस्सा और निराशा दोनों बढ़ रहे हैं।

📢 सरकार से सख्त मांग

किसानों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बिहार मॉडल अपनाने की मांग की है।
वे नीलगायों को ‘वर्मीन’ घोषित कर ‘शूट एंड साइट’ लागू करने की मांग कर रहे हैं।

भाजपा और स्थानीय किसान नेताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

⚠️ आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन होगा।
वे उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की भी तैयारी कर रहे हैं।

नीलगाय आतंक पलामू से न केवल खेती बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

🔍 अब सबकी नजर सरकार पर

किसानों का कहना है कि सरकार उनकी फसलों की रक्षा करने में विफल रही है।
अब वे ठोस और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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