▶️ क्या है भागलपुर टेंडर विवाद?
भागलपुर टेंडर विवाद में पिरपैंती प्रखंड में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। तिथि को लेकर हुए विरोधाभास ने लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है।
▶️ कहां हुई गड़बड़ी?
स्थानीय लोगों के अनुसार, अखबार में टेंडर आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च प्रकाशित की गई थी।
लेकिन जब लोग जानकारी लेने प्रखंड कार्यालय पहुंचे, तो अधिकारियों ने अंतिम तिथि 24 मार्च बताई।
भागलपुर टेंडर विवाद यहीं से शुरू हुआ।
▶️ क्यों भड़का आक्रोश?
तिथि में इस अंतर को लेकर लोगों ने इसे संदिग्ध बताया। उनका आरोप है कि यह बदलाव जानबूझकर किया गया है ताकि कुछ लोगों को फायदा मिल सके।
भागलपुर टेंडर विवाद में मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
▶️ क्या हुआ मौके पर?
गुस्साए लोगों ने प्रखंड कार्यालय के बाहर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
स्थिति को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
▶️ क्या है लोगों की मांग?
लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भागलपुर टेंडर विवाद अब प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
▶️ प्रशासन का क्या कहना है?
अब तक प्रखंड प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है।



