🇳🇵 नई सरकार, नया कामकाज मॉडल
काठमांडू में बनने जा रही नई सरकार के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में सरकार पारंपरिक तरीकों से हटकर काम करने की तैयारी में है।
📊 ‘100 दिन 100 एजेंडा’ का प्लान
सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 100 दिन के भीतर लागू होने वाले 100 फैसलों का प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
यह कदम तेज और परिणाममुखी शासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
🚫 पुरानी परंपरा खत्म
इस बार मंत्री अपने-अपने ‘पहले फैसले’ की घोषणा नहीं करेंगे।
इसके बजाय कैबिनेट सामूहिक रूप से प्राथमिकताओं के आधार पर निर्णय लेगी।
⚙️ टीम वर्क पर जोर
पार्टी नेता कुमार बेन के अनुसार,
हर मंत्री के साथ चार सांसदों की टीम बनाई जा सकती है।
इससे—
- फैसलों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी
- निगरानी बेहतर होगी
- जवाबदेही तय होगी
🎯 लोकलुभावन नहीं, परिणाममुखी नीति
सरकार का फोकस ‘घोषणाओं’ से ज्यादा ग्राउंड लेवल रिजल्ट पर रहेगा।
इस मॉडल से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
🏛️ विशेषज्ञता के आधार पर मंत्री चयन
पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि मंत्रियों का चयन योग्यता और विशेषज्ञता के आधार पर किया जाएगा।
साथ ही आंतरिक लॉबिंग से बचने पर भी जोर दिया गया है।



