⚡ बिहार आरक्षण बढ़ाने की मांग: क्या है मामला?
बिहार आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर संसद में जोरदार प्रदर्शन हुआ है।
राजद सांसदों ने आरक्षण सीमा 65% से बढ़ाकर 85% करने की मांग की है।
🏛️ संसद परिसर में क्यों हुआ प्रदर्शन?
राष्ट्रीय जनता दल के सांसदों ने मकर द्वार पर विरोध जताया।
इस प्रदर्शन की अगुआई मीसा भारती ने की।
उनके साथ कई अन्य सांसद भी इस विरोध में शामिल हुए।
📊 क्या हैं मुख्य मांगें?
बिहार आरक्षण बढ़ाने की मांग के तहत कई मुद्दे उठाए गए।
जातीय सर्वे के आधार पर आरक्षण को बढ़ाने की बात कही गई।
साथ ही, इस बढ़े हुए कोटे को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी की गई।
⛽ एलपीजी और ईंधन पर भी उठे सवाल
बिहार आरक्षण बढ़ाने की मांग के साथ ईंधन मुद्दा भी उठाया गया।
मीसा भारती ने कहा कि एलपीजी और पेट्रोल की उपलब्धता आसान नहीं है।
लंबी कतारों और महंगाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए।
⚔️ केंद्र सरकार पर आरोप
संजय यादव ने केंद्र सरकार पर देरी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
राजद नेताओं ने सरकार को दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी बताया।
📌 आगे क्या होगा?
बिहार आरक्षण बढ़ाने की मांग अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।
आने वाले समय में इस पर और बहस और निर्णय संभव है।



