केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन
उत्तराखंड के केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मंगलवार रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन होने से अफरा-तफरी मच गई। सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग के तीन स्थानों पर मलबा आने से यात्रा अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। चुनौतीपूर्ण मौसम और अंधेरे के बीच राहत टीमों ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
जिलाधिकारी ने संभाली कमान
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात की लगातार निगरानी की और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
30 मिनट में पैदल मार्ग आंशिक रूप से बहाल
राहत दलों ने तेजी दिखाते हुए करीब 30 मिनट में पैदल मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु कर दिया। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी रहा।
लाखों श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
प्रशासन के मुताबिक 19 मई तक 6.94 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। भारी बारिश के बावजूद यात्रा को नियंत्रित ढंग से संचालित किया जा रहा है।
मौसम पर प्रशासन की नजर
प्रशासन ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।



