🏥 सरकार का स्पष्ट रुख
Himachal Pradesh सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में आशा वर्करों को नियमित करने के लिए फिलहाल कोई नीति विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Dhni Ram Shandil ने विधानसभा में दी।
📊 10 साल सेवा पूरी कर चुकी हजारों वर्कर
सरकार के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 7454 आशा वर्कर ऐसी हैं, जिन्होंने 10 वर्ष या उससे अधिक का कार्यकाल पूरा कर लिया है। यह सवाल नालागढ़ के विधायक Hardeep Singh Bawa द्वारा उठाया गया था।
📚 चयन प्रक्रिया और योग्यता
सरकार ने बताया कि आशा वर्करों का चयन निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम आठवीं पास और शहरी क्षेत्रों में दसवीं पास महिलाएं इस पद के लिए पात्र होती हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया कि आशा वर्कर मिडवाइफ के कार्यों के लिए योग्य नहीं हैं।
👩⚕️ स्वास्थ्य विभाग में पद खाली
विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार मिडवाइफ के 503 स्वीकृत पदों में से 182 भरे हुए हैं, जबकि 321 पद खाली हैं। सबसे अधिक रिक्तियां कुल्लू जिले में हैं।



