महिलाओं में बढ़ रही हड्डियों की कमजोरी
जोधपुर में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञों ने महिलाओं की हड्डियों से जुड़ी गंभीर समस्या पर चिंता जताई। डॉक्टरों के अनुसार कैल्शियम की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण महिलाओं में हड्डियां तेजी से कमजोर हो रही हैं।
बीएमडी जांच शिविर का आयोजन
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग की ओर से निशुल्क बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हड्डियों की जांच कराई।
समय रहते जांच जरूरी
संजीवनी चिकित्सालय की अधीक्षक प्रो. ए. नीलिमा ने कहा कि बीएमडी जांच के जरिए हड्डियों की कमजोरी का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इससे भविष्य में होने वाले फ्रैक्चर के खतरे को कम किया जा सकता है।
महिलाओं में ज्यादा खतरा
विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि विशेषकर महिलाओं में कैल्शियम की कमी और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण ऑस्टियोपोरोसिस तेजी से बढ़ रहा है। रजोनिवृत्ति के बाद कलाई, रीढ़ और कूल्हे की हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा अधिक हो जाता है।
डॉक्टरों ने दिए ये जरूरी सुझाव
विशेषज्ञों ने हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए—
- प्रतिदिन 20 मिनट धूप लें
- रोज 30 मिनट ब्रिस्क वॉक करें
- कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त भोजन लें
- लो-फैट गाय का दूध और हरी सब्जियां खाएं
- सक्रिय जीवनशैली अपनाएं
100 लोगों ने लिया लाभ
शिविर में करीब 100 लोगों की निशुल्क जांच की गई। इसमें आमजन, संकाय सदस्य और मरीज शामिल रहे। कार्यक्रम में कई आयुर्वेद विशेषज्ञ और शोधार्थी भी मौजूद रहे।



