🔹 क्या है संत आश्रम परिषद का गठन?
हरिद्वार में संत समाज ने एक बड़ा कदम उठाया।
अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के गठन की घोषणा की गई।
इसका उद्देश्य संतों की एकता और अधिकारों को मजबूत करना है।
🔹 कौन बना अध्यक्ष?
स्वामी प्रबोधानंद गिरि को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।
वहीं संत रामविशाल दास को राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया।
परिषद में कई प्रमुख संतों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
🔹 किन-किन को मिली जिम्मेदारी?
श्री महंत बाबा बलराम दास हठयोगी आजीवन संरक्षक बने।
स्वामी विनोद महाराज उपाध्यक्ष बनाए गए।
स्वामी स्वयमानंद महाराज को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
महंत ओमानंद मंत्री और स्वामी सत्यव्रतानंद प्रदेश अध्यक्ष बने।
🔹 परिषद का मुख्य उद्देश्य क्या है?
संत आश्रम परिषद का लक्ष्य संतों के अधिकारों की रक्षा करना है।
शोषण और अन्याय के खिलाफ संगठित आवाज उठाई जाएगी।
संत समाज की एकता को मजबूत करना प्राथमिकता होगी।
🔹 आगे की योजना क्या है?
आगामी अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जाएंगी।
संतों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित कराने की पहल होगी।
जल्द ही सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार शुरू किया जाएगा।



