🔹 राष्ट्रपति भवन में श्रद्धांजलि
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में
द्रौपदी मुर्मु ने देश के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
🔹 सादगी और सेवा का जीवन
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ज्ञानी जैल सिंह का जीवन समर्पण, सादगी और राष्ट्र सेवा का प्रतीक रहा है।
उन्होंने देश निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
🔹 देश के सातवें राष्ट्रपति
ज्ञानी जैल सिंह 1982 से 1987 तक भारत के सातवें राष्ट्रपति रहे।
वे इस सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाले पहले सिख नेता थे।
🔹 राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका
उन्होंने 1972 से 1977 तक पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी।
इसके बाद 1980 से 1982 तक वे देश के गृह मंत्री भी रहे।
🔹 ऐतिहासिक दौर के साक्षी
उनके कार्यकाल के दौरान ऑपरेशन ब्लू स्टार और 1984 के दंगे जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं, जो भारतीय इतिहास में अहम स्थान रखती हैं।



