🔹 हाई कोर्ट से मिली राहत
रायपुर में शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी
अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत दे दी है।
🔹 कोर्ट ने किन शर्तों पर दी जमानत
न्यायमूर्ति पी.पी. साहू की एकलपीठ ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया।
साथ ही निर्देश दिया गया कि टुटेजा जांच में पूरा सहयोग करें।
🔹 जांच में बाधा डालने पर सख्ती
अदालत ने साफ किया कि यदि जांच में बाधा डाली गई तो जमानत रद्द हो सकती है।
उन्हें नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में पेश होना होगा और गवाहों या सबूतों को प्रभावित नहीं करना होगा।
🔹 कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त प्रत्यक्ष या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं हैं।
साथ ही यह भी देखा गया कि लंबे समय तक जांच एजेंसी ने गिरफ्तारी के ठोस प्रयास नहीं किए।
🔹 टुटेजा का पक्ष
याचिका में टुटेजा ने कहा कि उनके खिलाफ बार-बार नई एफआईआर दर्ज कर “एवरग्रीन अरेस्ट” की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि कई एजेंसियों की जांच में कोई अवैध संपत्ति या ठोस सबूत नहीं मिला।
🔹 राज्य सरकार का विरोध
राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए उन्हें कई घोटालों का मास्टरमाइंड बताया।
सरकार के अनुसार, सिंडिकेट मॉडल के जरिए बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं।
🔹 क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2022 की झारखंड आबकारी नीति में कथित हेरफेर से जुड़ा है।
आरोप है कि एक सिंडिकेट ने नीति में बदलाव कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया।
🔹 जेल से बाहर अभी नहीं
हालांकि इस मामले में राहत मिली है, लेकिन अन्य मामलों में जमानत न मिलने के कारण
अनिल टुटेजा फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।



