72 घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन
पश्चिमी सिंहभूम जिले की गुवा सेल खदान में चल रहा चक्का जाम आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। करीब 72 घंटे तक चले इस आंदोलन से लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा।
रोजगार को लेकर बनी सहमति
आंदोलन कर रहे ग्रामीण और स्थानीय संगठन लगातार स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग कर रहे थे। देर रात प्रशासन, सेल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच लंबी वार्ता हुई। इसके बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर सहमति बन गई।
19 गांवों के युवाओं को प्राथमिकता
समझौते के अनुसार, प्रभावित 19 गांवों के शिक्षित और योग्य युवाओं की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद जांच पूरी होने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बाहरी लोगों को इस प्रक्रिया से दूर रखने का फैसला भी लिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने किया समर्थन
इस आंदोलन को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का भी समर्थन मिला था। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र से करोड़ों का लौह अयस्क निकाला जा रहा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
कई अधिकारियों की रही मौजूदगी
वार्ता में प्रशासन और सेल प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। वहीं ग्रामीणों और मुंडा-मानकी संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी मांग मजबूती से रखी।
फिर शुरू हुई खदान गतिविधियां
आंदोलन समाप्त होने के बाद देर रात से खदान क्षेत्र में काम शुरू कर दिया गया। अब लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन को सामान्य करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है।



