चिकित्सा सेवा पर मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चिकित्सा केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे डॉक्टरों की जरूरत है जो सेवा और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दें।
भोपाल में हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
भोपाल स्थित समत्व भवन में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और सेवांकुर भारत प्रकल्प के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे।
पांच वर्षों तक चलेगा कार्यक्रम
यह एमओयू पांच वर्षों के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को सेवा-प्रधान स्वास्थ्य नेतृत्व वाला मॉडल राज्य बनाना है।
सेवा-भाव वाले डॉक्टर तैयार करने पर फोकस
इस पहल के तहत ऐसे डॉक्टर तैयार किए जाएंगे जो केवल इलाज ही नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी करेंगे। कार्यक्रम “एक सप्ताह देश के नाम” के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास पर जोर
कार्यक्रम में लगभग 300 प्रतिभागियों को छत्रपति संभाजीनगर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अनुभव साझा सत्र और व्यक्तित्व विकास शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
सेवांकुर भारत का बड़ा योगदान
सेवांकुर भारत और डॉ. बाबा साहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान पिछले कई वर्षों से जरूरतमंद मरीजों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। संस्था देशभर में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य परियोजनाएं संचालित कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
सरकार का मानना है कि इस समझौते से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशीलता दोनों में सुधार होगा। इससे मरीजों को बेहतर और मानवीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।



