मलमास में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी के हौज कटोरा क्षेत्र स्थित पुरुषोत्तम मंदिर में मलमास (पुरुषोत्तम मास) के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में भक्त भगवान विष्णु को मालपुआ चढ़ाने पहुंच रहे हैं।
मालपुआ की खुशबू से महक रही काशी की गलियां
मंदिर के आसपास मालपुआ बेचने वाले दुकानदारों के यहां इन दिनों खूब रौनक है। दुकानदारों का कहना है कि पूरे साल की तुलना में मलमास के दौरान मालपुआ की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय निवासी बलवंत के अनुसार हौज कटोरा की गलियां इन दिनों मालपुआ की खुशबू से महक रही हैं और यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
भगवान विष्णु को चढ़ाया जाता है मालपुआ
मलमास के दौरान भगवान विष्णु को मालपुआ अर्पित करने की विशेष परंपरा है। श्रद्धालु सुबह-सवेरे मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन करते हैं और मालपुआ चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना मंदिर
हौज कटोरा क्षेत्र के पार्षद इंद्रेश कुमार ने बताया कि पुरुषोत्तम मंदिर मलमास में श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन जाता है। यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ मिल रहा है।
क्या है मलमास का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार लगभग 33 महीनों के बाद अतिरिक्त चंद्र मास आता है, जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना का महत्व माना जाता है। काशी के कई विष्णु मंदिरों में इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं।



