हिमाचल में निर्विरोध पंचायतों की चर्चा
हिमाचल प्रदेश में इस बार निर्विरोध पंचायत चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। राज्य की 3754 पंचायतों में से 131 पंचायतों में बिना मतदान प्रतिनिधि चुने गए।
किन्नौर बना नंबर-1
निर्विरोध पंचायत के मामले में जनजातीय जिला किन्नौर पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां 80 पंचायतों में से 18 पंचायतें बिना मुकाबले चुनी गईं।
हमीरपुर सबसे पीछे
उच्च साक्षरता के लिए प्रसिद्ध हमीरपुर जिला निर्विरोध पंचायत चुनाव में सबसे पीछे रहा। यहां एक भी पंचायत निर्विरोध नहीं चुनी गई।
शिमला में सबसे ज्यादा संख्या
निर्विरोध पंचायत के मामले में शिमला जिले में सबसे ज्यादा 42 पंचायतें बिना मुकाबले चुनी गईं। हालांकि प्रतिशत के आधार पर किन्नौर सबसे आगे रहा।
सरकार की योजना का असर
राज्य सरकार ने निर्विरोध पंचायत चुनने वाले गांवों को 25 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। इसका असर कई गांवों में देखने को मिला।
गांवों में बनी आपसी सहमति
किन्नौर के कई गांवों में लोगों ने आपसी सहमति से प्रतिनिधि चुने। ग्रामीणों का कहना है कि निर्विरोध पंचायत से गांव में विवाद कम होते हैं और विकास कार्य तेजी से होते हैं।
तीन चरणों में होंगे चुनाव
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव 26, 28 और 30 मई को होंगे। वहीं मतगणना तय कार्यक्रम के अनुसार कराई जाएगी।



