जगदलपुर में साहित्यिक आयोजन का आयोजन
जगदलपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और जनजातीय परंपराओं पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने भाग लेकर साहित्यकारों का सम्मान भी किया।
तीन पुस्तकों का विमोचन बना आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तीन पुस्तकों का विमोचन रहा। इन पुस्तकों में बस्तर और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प परंपराएं और जनजातीय जीवन को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
साहित्य समाज का दर्पण : केदार कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। उन्होंने बताया कि तीन पुस्तकों का विमोचन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
साहित्यकारों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार रुद्रनारायण पाणिग्रही को लोक संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिह्न और धुरवा पटका भेंट किया गया।
संस्कृति और परंपराओं पर आधारित पुस्तकें
तीन पुस्तकों का विमोचन करते हुए मंत्री ने ‘बस्तर की लोक संस्कृति’, ‘छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प परंपरा एवं संस्कृति’ और ‘हल्बा जनजाति’ जैसी पुस्तकों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। इन पुस्तकों में स्थानीय परंपराओं और इतिहास का विस्तृत विवरण दिया गया है।
नई पीढ़ी को मिलेगा ज्ञान
वक्ताओं ने कहा कि तीन पुस्तकों का विमोचन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। साथ ही यह शोधकर्ताओं और समाज के लिए भी उपयोगी दस्तावेज साबित होगा। साहित्यकारों ने ऐसे आयोजनों को संस्कृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



